About Us

‘सेकेंड नागरिक’ (Second Nagrik) में आपका स्वागत है।
हम एक स्वतंत्र और निष्पक्ष डिजिटल मंच हैं, जो समाज, जन-मुद्दों, जागरूकता, संस्कृति, साहित्य और सामाजिक बदलाव से जुड़ी आवाज़ों को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि हर नागरिक की आवाज़ महत्वपूर्ण है और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के सरोकार भी मुख्यधारा की चर्चा का हिस्सा होने चाहिए।
हमारा उद्देश्य:
जन-मुद्दे और जागरूकता: समाज को प्रभावित करने वाले बुनियादी विषयों और बदलाव की कहानियों को साझा करना।
विचार और साहित्य: मुंशी प्रेमचंद जैसे कालजयी रचनाकारों के साहित्य, कला और प्रगतिशील विचारों का सामाजिक-वैचारिक विश्लेषण प्रस्तुत करना।
नागरिक विमर्श: एक ऐसा मंच तैयार करना जहाँ आम लोग और प्रबुद्ध वर्ग मिलकर सार्थक बदलाव की मशाल को आगे बढ़ा सकें।
हम ‘किताबों वाली गली’ से लेकर गाँव-चौपाल और विचार-विमर्श के माध्यम से समाज को एक सकारात्मक दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। हमसे जुड़ें और इस वैचारिक यात्रा का हिस्सा बनें।